क्या पता क्या खबर
आदमी कौन गधा कौन, क्या पता क्या खबर
फर्क सिर्फ इतना कि एक पर है खुदा की नज़र,
एक ढो रहा है और एक ढा रहा है गज़ब
एक पा रहा है और एक खो रहा है अजब
देखिये जब तक ख़ुदा मेहरबान तो गधा पहलवान
ज़रा नज़र नीचे रख के चल दीप
ख़ुदा की नज़र कब बदले, क्या पता क्या ख़बर
- दीप थपलियाल

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